शबे कद्र कब है 2025 में? इस दिन हमें क्या करना चाहिए आइये जानते हैं

shabe qadr kab hai 2025: रमजान के आखिरी अशरे में शबे क़द्र यानि लैलतुल क़द्र की रात होती हैं . कहा जाता है की ये बहोत ही अहम रात होती हैं , लैलतुल क़द्र की एक रात की इबादत हज़ार महीनों के इबादत से बेहतर है . लिहाज़ा इस रात हमें ज़्यादा से ज़्यादा इबादत करना चाहिए तो आइये जानते हैं साल 2025 में शबे क़द्र कब है।
रमजान के आखिरी अशरे में शबे क़द्र की 5 रातें होती है , पहली शबे क़द्र 21 रमजान की रात को यानि 20 रमजान का इफ्तार करने के बाद जब मगरिब बाद 21 रमजान स्टार्ट हो जायेगा ,
दूसरा शबे क़द्र 22 रमजान की रात को यानि 21 रमजान को इफ्तारी के बाद होता है ।
और तीसरा शबे क़द्र 25 रमजान को होता है यानि 24 रोज़ा कम्पलीट करने के बाद रात में शबे क़द्र मनाया जाता है ।
इसी तरह से चौथा शबे क़द्र 27 रमजान को मनाया जाता हैं यानि 26 रमजान का रोज़ा कम्प्लीट करने के बाद रात में जब मगरिब बाद 27 रमजान स्टार्ट हो जाता है तो शबे क़द्र मनाया जाता हैं। इसी दिन ज़्यादा तर लोग शबे क़द्र मनाते हैं।
पांचवा और आखिरी शबे क़द्र 29 रमजान को होता हैं यानि 28 रमजान का रोज़ा इफ्तार करने के बाद रात में शबे क़द्र मनाया जाता हैं।
शबे क़द्र की पांच राते होती हैं , इन पांच रातों में से आप जितनी रात में इबादत कर सकते हैं करें वैसे तो ज़्यादा तर लोग 27 रमजान को ही शबे क़द्र मनाते हैं.
लिहाज़ा अगर आप चाहे तो आप भी 27 रमजान को शबे क़द्र मना सकते हैं और जितना हो सकें उतना इबादत कर सकते हैं आइये अब जानते हैं की अंग्रेजी किस तारीख को शबे बारात मनाया जायेगा।
शबे क़द्र कब है 2025 में ?
साल 2025 में शबे क़द्र अंग्रेजी तारीख 20 ,21 ,23 और 25 ,27 मार्च को मनाया जायेगा।
शबे क़द्र पर क्या पढ़ना चाहिए?
shabe qadr me kya padhna chahiye ;शबे क़द्र की रात में हमें ज़्यादा से ज़्यादा इबादत करना चाहिए जितना हो सके उतना इबादत करना चाहिए क्योंकि ये बहोत ही अहम रात है।
क़ुरान पढ़ना चाहिए
इस रात हमें ज़्यादा से क़ुरान पढ़ना चाहिए क्योंकि रमजान के महीने में क़ुरान पढ़ने का सवाब पढ़ जाता हैं और शबे क़द्र की रात में इस सवाब में और भी इज़ाफ़ा हो जाता है।
लिहाज़ा इस रात में ज़्यादा से ज़्यादा क़ुरान की तिलवात करना चाहिए कोशिश करना चाहिए की हम क़ुरान को समझ के भी पढ़े। क़ुरान को अपने लैंग्वेज में भी पढ़ने की कोशिश करनी चाहिए ताकि क़ुरान हमें क्या सीखा रहा है वो हम सीख सकें।
नमाज़ पढ़ना चाहिए
शबे क़द्र की रात में ज़्यादा से ज़्यादा नफिल नमाज़े भी लाज़मी पढ़ना चाहिए।
और अगर आपकी नमाज़े क़ज़ा हो गई है तो उस क़ज़ा नमाज़ों को भी इस रात में पढ़ना चाहिए ताकि आपकी क़ज़ा नमाज़े भी मुकम्मल हो सकें।
याद रहे अगर आपकी नमाज़े क़ज़ा है तो आपको क़ज़ा नमाज़ ही पढ़ना होगा , अगर आपकी नमाज़े क़ज़ा है तो आपको नफिल नमाज़ नहीं पढ़ना है।
तौबा अस्तगफार करना चाहिए
जिस तरह से इस रात में नेकीओं में इज़ाफ़ा हो जाता है ठीक उसी तरह से इस रात में दुआ कबुबुल होने के चांसेस भी बढ़ जाते हैं।
लिहाज़ा इस रात हमें अपने गुनाहों से माफ़ी मांगना चाहिए और कभी गुनाह न करने का अहद करना चाहिए इंशाअल्लाह इस रात आपकी दुआ लाज़मी क़ुबूल होगी।
दरूद शरीफ पढ़ना चाहिए
इसके साथ ही इस रात हमें ज़्यादा से ज़्यादा अपने रसूल पर दरूद शरीफ भी लाज़मी पढ़ना चाहिए।
तो दोस्तों उम्मीद हैं ये जानकारी आपको पसंद आई होगी और आप समझ गए होंगे की साल 2025 में शबे क़द्र कब है और शबे क़द्र में क्या करना चाहिए।
अगर आपका कोई सवाल है तो आप कमेंट करके पूछ सकते हैं इंशाअल्लाह हम आपके सवाल का जवाब लाज़मी देंगे शुक्रिया।